देहरादून (उत्तराखंड) – राजधानी देहरादून के मच्छी बाजार में 2 फरवरी को 23-वर्षीय युवती गुंजन श्रीवास्तव की दिनदहाड़े मौत ने शहर में सनसनी फैला दी है। घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों के सामने हमला होने के बावजूद किसी ने मदद नहीं की, जिससे तमाम सवाल पुलिस प्रतिक्रिया और सामूहिक लापरवाही पर खड़े हो गए हैं।
पुलिस और स्थानीय मुंशी के अनुसार, सोमवार को गुंजन जब बाजार में अपनी दोपहिया वाहन पार्क कर रही थी, तभी परिचित आरोपी आकाश कुमार उर्फ गोलू ने अचानक उस पर चापड़ से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद गुंजन को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गुंजन की सहेली पायल ने बताया कि जब गुंजन पर हमला हुआ, तो करीब 30-40 लोग आसपास मौजूद थे। उन्होंने चीख-पुकार सुनी, पर किसी ने आगे बढ़कर मदद नहीं की। पायल ने आरोपी को हटाने की कोशिश की, लेकिन चापड़ देखकर वह भी डर गई। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि हमलावर वारदात के बाद लोगों के बीच से निकलकर भाग गया था।
स्थानीय नेताओं और समाजसेवी संगठनों ने इस वारदात को कानून-व्यवस्था और नागरिक दायित्व पर चिंता का विषय बताया है। रामनगर में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घटना के खिलाफ मुख्यमंत्री और डीजीपी के पुतले जलाए और आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और तत्काल सहायता के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, गुंजन और आरोपी के बीच पुरानी जान-पहचान और तनाव की स्थिति थी, और इससे पहले भी अन्य लोगों को धमकियां मिल चुकी थीं।
महिला सुरक्षा और सार्वजनिक दायित्व के प्रति समुदाय की प्रतिक्रिया पर सवाल उठते हुए, समाज के विभिन्न वर्गों ने सामूहिक लापरवाही को निंदनीय बताया है और नागरिकों से किसी संकट की स्थिति में तत्काल मदद का आग्रह किया है।




