यूजीसी एक्ट के विरोध में शिवशक्ति धाम डासना से जुड़े महाकालियों के आंदोलन पर बुधवार को गाजियाबाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। आंदोलन से जुड़ी कई महिलाओं और साध्वियों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया, जबकि दिल्ली जाने से सभी को रोक दिया गया।
आंदोलन की प्रमुख सूत्रधार डॉ. उदिता त्यागी पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं और बताया जा रहा है कि वह हिरासत में ही आमरण अनशन पर बैठी हुई हैं। डॉ. त्यागी के समर्थन में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज शिवशक्ति धाम डासना में अनशन पर हैं। उनके शिष्य यति सत्यदेवानंद (ऊना), यति रामस्वरूपानंद (रुड़की) और यति रणसिंहानंद (मेरठ) भी अलग-अलग स्थानों पर आमरण अनशन कर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई के दौरान डासना नगर पंचायत की वरिष्ठ सभासद एवं भाजपा नेत्री शशि चौहान तथा साध्वी आस्था मां सहित कई महिलाओं को घर में ही नजरबंद किया गया। शशि चौहान और उनके पति सतेंद्र चौहान क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता बताए जाते हैं और दोनों राम मंदिर आंदोलन के दौरान जेल भी जा चुके हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर हिंदू संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों में रोष देखा जा रहा है। खासकर भाजपा से जुड़ी महिलाओं में निराशा और असंतोष की बात कही जा रही है।
इसी पृष्ठभूमि में डॉ. उदिता त्यागी ने 8 फरवरी को शिवशक्ति धाम डासना में हिंदुओं की सभी 36 बिरादरियों की हिंदू महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया है। महापंचायत में यूजीसी एक्ट के विरोध को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मेवात से बिट्टू बजरंगी और हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने महापंचायत को समर्थन देते हुए अधिक से अधिक लोगों से 8 फरवरी को डासना पहुंचने की अपील की है।




