समान कार्य–समान वेतन लागू: उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों को अब समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा। इसमें पद के मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ता (DA) दोनों शामिल होंगे, जिससे कुल मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
लाभार्थी वर्ग: 25 नवंबर 2025 तक लगातार 10 वर्ष सेवा कर चुके कर्मियों को इस निर्णय का लाभ तुरंत मिलेगा। उपनल कर्मचारी महासंघ के अनुसार लगभग 11,000 से अधिक कर्मियों को इसका फायदा होगा।
कुल शासकीय कर्मचारियों की संख्या: राज्य के विभिन्न विभागों में करीब 22,000 से ज्यादा कर्मचारी उपनल के माध्यम से काम कर रहे हैं।
नीतिगत पृष्ठभूमि: यह निर्णय उज्जैन हाईकोर्ट द्वारा 12 नवंबर 2018 में दिए गए आदेश और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका खारिज होने के बाद कैबिनेट की उपसमिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
चरणबद्ध कार्यान्वयन: शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह लाभ चरणबद्ध तरीके से सभी उपनल कर्मचारियों तक पहुँचाया जाएगा।
उत्तराखंड सरकार का यह कदम उपनल कर्मियों के लिए ऐतिहासिक और देर से ही सही, एक बड़ा सुधार है। इससे दशकों से समान वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मियों को भारी राहतलेगी और उनके सामाजिक–आर्थिक मानकों में सुधार होगा।




