भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सांटोस दा कोस्टा आज नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। दोनों ही नेता 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
यह पहली बार है कि यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेतृत्व को एक साथ गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जिसे भारत–EU के बढ़ते सामरिक और आर्थिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान 27 जनवरी को आगामी 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जहां द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) सहित सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और लोगों के बीच सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” की संज्ञा दी जा रही है और इसके संभवतः अगले कुछ दिनों में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार के अनुसार इस ऐतिहासिक निमंत्रण से भारत के कूटनीतिक संबंधों को नई ऊँचाइयाँ प्राप्त होंगी और दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी।




