सियोल, 13 जनवरी (एपी/रायटर्स)। दक्षिण कोरिया के **पूर्व राष्ट्रपति Yoon Suk Yeol (यून सुक येओल) के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आया है, जहाँ विशेष जांच टीम (Independent Counsel) ने आरोप लगाया है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू कर देश में विद्रोह का नेतृत्व किया, और अब उसके लिए मर्त्युदंड की सजा की मांग की है।
यून सुक येओल पर आरोप है कि उन्होंने 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ (सैन्य शासन) लागू कर संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने और विद्रोह का नेतृत्व करने का प्रयास किया, जिससे दक्षिण कोरिया राजनीतिक संकट के घेरे में आ गया था।
विशेष जाँच टीम के वकील Cho Eun-suk (चो ईउन-सुक) ने सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में युन के लिए मर्त्युदंड की सजा की मांग की है। कोर्ट इसका फैसला फरवरी 2026 में सुनाने की संभावना है।
दक्षिण कोरिया ने 1997 से कोई व्यक्ति नहीं फाँसी पर चढ़ाया, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनभर की सजा की संभावना अधिक है, भले ही मर्त्युदंड की मांग की गई हो।
मार्शल लॉ लगाने के कुछ ही घंटे बाद संसद ने उसे रद्द कर दिया था और बाद में युन को मई 2025 में पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन पर कई अपराधिक मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें विद्रोह का आरोप सबसे गंभीर माना जाता है।
यह मामला न केवल दक्षिण कोरिया के राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और सत्ता के दुरुपयोग के मामलों में विश्व स्तर पर भी ध्यान का विषय बना हुआ है।




