नई दिल्ली, 13 जनवरी। भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना (IAF) की क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए फ्रांस से 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की दिशा में सहमति व्यक्त की है। इस मेगा रक्षा सौदे को देश की सुरक्षा जरूरतों और आधुनिक हवाई शक्ति बढ़ाने के रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह प्रस्ताव “मेक इन इंडिया” नीति के तहत तैयार किया जा रहा है, जिसमें फ्रांसीसी विमान निर्माता दसॉल्ट एविएशन भारतीय उद्योगों के साथ मिलकर विमानों के उत्पादन और स्थानीय स्तर पर तकनीकी हस्तांतरण समेत सहयोग करेगा। इससे भारी स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार व तकनीकी क्षमता भी विकसित होगी।
विश्लेषकों के अनुसार, यह सौदा रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा एकल उत्सर्जन वाला प्रस्ताव माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इससे न केवल हमारी वायु सेना की लड़ाकू ताकत बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में भी भारत को महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी।
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब भारतीय वायु सेना अपनी दस्ते की मजबूती और भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर अपनी क्षमता विस्तार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।




