स्वामी विवेकानंद की जयंती तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने देशभर के युवाओं को प्रेरणा देने वाला संदेश दिया और सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन कर स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को भारतीय संस्कृति और दर्शन का “सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय राजदूत” बताते हुए कहा कि उनके विचार आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और शिक्षाएँ युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र-निर्माण के प्रति जागरूक करने का कार्य करती हैं। उन्होंने युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और कड़ी मेहनत की भावना अपनाने की प्रेरणा दी।
राष्ट्रीय युवा दिवस के इस खास अवसर पर देशभर में कई अन्य नेताओं ने भी स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा स्रोत के रूप में याद किया है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके विचारों को युवाओं के लिए अंतर्निहित प्रेरणा का स्रोत बताया है।
स्वामी विवेकानंद की जयंती को हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य युवा वर्ग को उनके अद्वितीय विचारों और कर्मशील दृष्टिकोण के माध्यम से सशक्त बनाना है।




