देहरादून, 4 जनवरी 2026 — अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजधानी देहरादून में रविवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। विभिन्न सामाजिक संगठनों, विपक्षी दलों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री के आवास की ओर कूच किया और इस मामले में CBI जांच की मांग जोरशोर से उठायी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंकिता मामले में कथित वीआईपी के नाम आने के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं हुई है, इसलिए उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। बड़ी संख्या में लोग Parade Ground से निकले और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम हाउस तक आगे बढ़ने का प्रयास किया।
दिलाराम चौक के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और बैरिकेडिंग की। कुछ समूह धरने पर बैठ गये। पुलिस ने इस दौरान स्थिति को काबू में रखा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस समेत कई जन आंदोलन संगठनों के नेताओं ने सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और कहा कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि न्याय, सुरक्षा और सुशासन की मांग है।
इससे पहले हरिद्वार में भी ‘अंकिता को न्याय दो’ पदयात्रा निकाली गयी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।




