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केरल की 59 वर्षीय दर्ज़ी वसंती चेरुवीत्तिल ने एवरेस्ट बेस कैंप फतह कर दिखाया — उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है

नई दिल्ली, 3 जनवरी। अवसरों को सीमाएँ नहीं रोक सकते — यह सिद्ध कर दिखाया हैरल केरल की 59 वर्षीय वसंती चेरुवीत्तिल ने, जिन्होंने बिना पेशेवर ट्रेनिंग के यूट्यूब वीडियोज़ और खुद की मेहनत से एवरेस्ट बेस कैंप तक की कठिन यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।

वसंती, जो कन्नूर, केरल की एक साधारण दर्ज़ी हैं, ने चार महीने से अधिक समय तक खुद को तैयार किया — हर सुबह तीन घंटे पैदल चलना, शाम को 5-6 किमी टहलना और यूट्यूब के माध्यम से ट्रेकिंग तकनीक सीखना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा।

उन्होंने यह यात्रा 15 फरवरी 2025 को नेपाल के सुरके से शुरू की और 23 फरवरी 2025 को साउथ एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुँचकर अपनी उपलब्धि को यादगार बनाया। कठिन पहाड़ी रास्ते, बर्फ़ीले मार्ग और ऊँचाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

अपनी उपलब्धि का जश्न मनाते हुए वसंती ने पारंपरिक क़सावु साड़ी ओढ़कर और भारत का तिरंगा फहराते हुए बेस कैंप में फोटो खिंचवाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई।

उनकी यह प्रेरणादायक कहानी युवाओं और बुज़ुर्गों दोनों के लिए संदेश है कि उम्र सीमा नहीं होती, बल्कि लक्ष्य की राह में दृढ़ संकल्प होना ज़रूरी है।

वसंती अब अगले सफ़र के तौर पर “ग्रेट वॉल ऑफ चाइना” यात्रा का सपना देखने लगी हैं।

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