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सरेनी में जनआक्रोश, शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण सत्याग्रह

क्षेत्र की ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर गुरुवार को सरेनी में शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण सत्याग्रह का आयोजन किया गया। अभिनव तिवारी संगम के नेतृत्व में हुए इस सत्याग्रह में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सत्याग्रह स्थल पर “रघुपति राघव राजा राम” भजन की धुन के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में प्रशासन को चेतावनी दी गई।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए अभिनव तिवारी संगम ने कहा कि सरेनी में वर्षों से बंद पड़ी जल निगम की टंकी को तत्काल चालू कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की स्थायी तैनाती, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, सरेनी–पूरपांडेय मार्ग के पुनर्निर्माण तथा सरेनी बाजार में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने शहीद स्मारक की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण की भी मांग उठाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापन को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। यदि शीघ्र ठोस समाधान नहीं हुआ तो सत्याग्रह जारी रहेगा और आमरण अनशन किया जाएगा।

सत्याग्रह को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस जिला प्रवक्ता सिद्धार्थ त्रिवेदी ने कहा कि पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं, लेकिन वर्षों से इन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सत्याग्रह किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित में उठाई गई लोकतांत्रिक आवाज है।

पूर्व चेयरमैन लालगंज अनूप बाजपेई ने प्रशासन से जनसमस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण संघर्ष ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

रामदेव बाजपेई ने सत्याग्रह को अन्याय के खिलाफ सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

सत्याग्रह में शामिल नागरिकों ने भी अपनी पीड़ा रखी। आदर्श अवस्थी (एडवोकेट) ने कहा कि पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता है। विनीता गुप्ता ने बाजार में शौचालय न होने से महिलाओं को हो रही परेशानियों की ओर ध्यान दिलाया। जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती। सुहैल हाशमी ने स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर न मिलने की समस्या उठाई, जबकि आशीष गुप्ता ने शहीद स्मारक की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई।

सत्याग्रह में शामिल लोगों ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शांतिपूर्ण, अनुशासित और एकजुट इस सत्याग्रह ने प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस मौके पर रामदेव बाजपेई, अतुल शर्मा, शिवम, बृजपाल, सुजल, आनंद त्रिवेदी, अंकित, सुमित, मो. नईम, लाला, पिंटू निर्मल, सर्वेश कुमार, राजकुमार बाजपेई, आशीष गुप्ता सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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