एस एम जे एन पीजी कॉलेज में 1971 के भारत-पाक युद्ध में मिली ऐतिहासिक विजय की स्मृति में विजय दिवस देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
महाविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा सहित समस्त महाविद्यालय परिवार ने पुष्प अर्पित कर वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में बांग्लादेश के निर्माण और पाकिस्तान पर भारत की निर्णायक विजय को भावपूर्ण ढंग से स्मरण किया गया।
प्राचार्य प्रो. बत्रा ने कहा कि भारतीय सेना ने अद्वितीय साहस और रणनीति का परिचय देते हुए रिकॉर्ड समय में पाकिस्तान का विभाजन कर बांग्लादेश जैसे नए राष्ट्र का निर्माण किया। उन्होंने तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल सैम मानेकशॉ की कुशल नेतृत्व क्षमता और भारतीय सैनिकों के अद्भुत पराक्रम की सराहना की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से 16 दिसंबर 1971 के गौरवशाली इतिहास को जानने और समझने का आह्वान किया, ताकि बलिदानी सैनिकों का योगदान युवा पीढ़ी की चेतना में सदैव जीवित रहे।
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. विनय थपलियाल ने 1971 के युद्ध को सैन्य इतिहास का अतुलनीय अध्याय बताते हुए कहा कि इस विजय ने दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की स्थापना को नई दिशा दी। उन्होंने बांग्लादेश के जननायक शेख मुजीबुर्रहमान का स्मरण करते हुए इसे भारतीय सैन्य कौशल, राजनीतिक इच्छाशक्ति और बांग्लादेशी जनभावना का संयुक्त परिणाम बताया।
कार्यक्रम में गोपाल अरोड़ा, प्रो. जे.सी. आर्य, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. विनीता चौहान, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. रजनी सिंघल, डॉ. पदमावती तनेजा, ऋचा मिनोचा, रिंकल गोयल, वैभव बत्रा, अंकित बंसल, यादविंदर सिंह, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




