उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नेपाल-भारत सीमा के पास चल रहे बड़े फर्जी आधार कार्ड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना प्रमोद कुमार निषाद (सेमरी मलमला गांव निवासी) को गिरफ्तार किया है। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन सुरक्षाबलों ने उसे सीमा पार करते समय दबोच लिया।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, लंबी जांच के बाद यह रैकेट उजागर हुआ था, जिसमें कई सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रमोद निषाद उसी गिरोह का मास्टरमाइंड था, जिसने अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाकर लोगों को बेचा और अपने नेटवर्क को चलाया।
कार्रवाई और बरामदगी
पकड़े गए प्रमोद के कब्जे से कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
लैपटॉप और मोबाइल फोन
बायोमैट्रिक और रेटिना स्कैनर
वेबकैम और फर्जी दस्तावेज
एक फर्जी आधार कार्ड
करीब ₹2680 नकद
एक गाड़ी भी जब्त की गई है।
एसटीएफ ने प्रमोद को मुर्तिहा कोतवाली में पहले से दर्ज फर्जी आधार कार्ड रैकेट के प्रकरण में शामिल कर दिया है।
रैकेट की कार्यप्रणाली
पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि यह गिरोह जनवरी से मार्च 2025 के बीच करीब 2,500 से अधिक फर्जी आधार कार्ड तैयार कर चुका था। गिरोह फर्जी जन्म, निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों का उपयोग कर, कम समय में नकली आधार बना देता था।
प्रमोद ने स्वीकार किया कि उसने अपने परिचितों को एनीडेस्क के जरिए पोर्टल और आईडी-पासवर्ड मुहैया कराए थे। इस नेटवर्क के जरिये रोज़ाना 20-25 आधार कार्ड बनाए जाते थे और कुल मिलाकर यह गिरोह 18-19 हजार से ज़्यादा आधार कार्ड तैयार कर चुका था।
आगे की कार्रवाई
एसटीएफ ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी और अपराधों में किया जा सकता है, इसलिए मामले की गहन जांच जारी है।




