गाड़ोवाली को भारत सरकार द्वारा भूमि संरक्षण मॉडल गांव के रूप में चयनित किया गया है। कार्यक्रम में किसानों को मृदा संरक्षण, मिट्टी परीक्षण और स्थायी कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूक किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशु चौधरी ने कहा कि मिट्टी का स्वस्थ रहना भोजन, स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “मिट्टी बनने में हजारों वर्ष लगते हैं, जबकि यह बहुत तेजी से क्षरण का सामना कर रही है, इसलिए इसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने बताया कि विश्व मृदा दिवस का उद्देश्य स्वस्थ मिट्टी के महत्व को समझाना और इसके सतत उपयोग के लिए जागरूकता बढ़ाना है। स्वस्थ मिट्टी प्रदूषण कम करने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राम कुमार दोहरे, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला प्रभारी अवतारी सती, सहायक कृषि अधिकारी राजकुमार राठौर, रतनलाल, ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक मोनू कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र धनोरी के सह निदेशक डॉ. योगेंद्र पाल सैनी, नफीस अंसारी, डॉ. विक्रम सिंह, इनायत अंसारी, उस्मान अंसारी, विशेष चौधरी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
सभी विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की कि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग करें, मिट्टी परीक्षण नियमित कराएं और भूमि संरक्षण को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।




