लखनऊ (संवाद) — Yogi Adityanath ने आज नए IPS प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय है साइबर अपराध और अवैध ड्रग्स ट्रेड के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति को अमल में लाने का। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी तरह की “कैज़ुअल अप्रोच” बर्दाश्त नहीं की जाएगी — अपराधियों और मादक पदार्थों के नेटवर्क पर त्वरित, निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस की नींव थाने से शुरू होती है — इसलिए प्रशिक्षुओं को थाने-प्रबंधन, विवेचना, ड्यूटी मैनेजमेंट और स्थानीय विवादों की प्रकृति को करीब से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के भरोसे और पुलिस की विश्वसनीयता के लिए संवाद, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण सर्वोपरि है।
ड्रग कारोबार व साइबर धोखाधड़ी जैसे क्राइम की प्रकृति बदल चुकी है — अब सिर्फ डिटेक्टिव काम नहीं चलेगा; डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर टूल्स और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ेगा, ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके। प्रशिक्षुओं को यह भी समझाया गया कि थानों, सर्किल और पुलिस लाइन्स के बीच समन्वय व संसाधनों का सामंजस्य बनाए रखना होगा।
यह नया संकल्प — “संवेदनशील व संवाद-प्रधान पुलिसिंग” — न सिर्फ अपराधियों व ड्रग्स तस्करों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए सुरक्षा, भरोसे और न्याय की गारंटी की नींव भी है। प्रदेश सरकार की यह घोषणा इस बात का संकेत है कि अपराध-रोधी अभियान अब और व्यापक, तकनीक-आधारित




