हरिद्वार, 26 नवंबर। एस.एम.जे.एन. पीजी कॉलेज में मंगलवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ और संविधान दिवस के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। परिसर में लहराते तिरंगों के बीच वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का दृश्य देशभक्ति और उत्साह से भर देने वाला रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि “वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा था। 150 वर्ष बाद भी यह गीत हम सभी में आत्मविश्वास, ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम का संचार करता है। ब्रिटिश सरकार ने इसी प्रबल राष्ट्रीय चेतना के कारण इस गीत पर प्रतिबंध लगाया था।” उन्होंने संविधान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए भारतीय संविधान को विश्व का सर्वश्रेष्ठ और सर्वसमावेशी संविधान बताया।
मुख्य अतिथि समाजसेवी अभय गर्ग ने वंदे मातरम् को स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख उद्घोष बताते हुए कहा कि यह गीत तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों की प्रेरणा रहा है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सकारात्मकता का भाव जगाते हैं और उन्हें आत्मचिंतन कर सही दिशा चुनने की प्रेरणा देते हैं।
राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. विनय थपलियाल ने कहा कि संविधान किसी भी राष्ट्र की ऑक्सीजन है। प्रस्तावना में निहित धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और संप्रभुता जैसे मूल्य देश की मूल पहचान हैं।
कार्यक्रम में प्रो. जे.सी. आर्य, डॉ. मनमोहन गुप्ता, डॉ. सुषमा नयाल, डॉ. नलिनी जैन, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. लता शर्मा, डॉ. पद्मावती तनेजा, वैभव बत्रा, विनीत सक्सेना, विवेक मित्तल, यादविंदर सिंह, दिव्यांश शर्मा, डॉ. विजय शर्मा, श्रीमती रिचा मिनोचा, श्रीमती रिंकल गोयल, अंकित बंसल, डॉ. गीता शाह, आस्था आनंद, कविता छाबड़ा, वंदना, डॉ. प्रदीप त्यागी, भव्या भगत और कार्यालय अधीक्षक मोहन चंद्र पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम देशभक्ति, एकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति संकल्प के साथ संपन्न हुआ।




