अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने दिखाया हरी झंडी
सहारनपुर। गुरु रविदास महापीठ द्वारा आयोजित भव्य धार्मिक ‘संत रविदास रेल यात्रा’ सोमवार को सहारनपुर से काशी के लिए रवाना हुई। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं एवं सामाजिक एकता के संदेश को जन–जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित यह विशेष यात्रा मंगलवार प्रातः 11 बजे काशी पहुँचेगी, जहाँ विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
शुभारंभ कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज ने ध्वज दिखाकर यात्रा को रवाना किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने सद्भाव, समरसता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया। “संत रविदास जी ने न तो इस्लामी आक्रांताओं से डरे, न ही सिकंदर लोदी जैसे शासकों के आगे झुके। उनकी Tapasya और महानता के आगे इतिहास स्वयं झुकता है,” महंत रवींद्र पुरी ने कहा। उन्होंने ऐसी धार्मिक यात्राओं को समाज में एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का मजबूत माध्यम बताया।
गुरु रविदास महापीठ की राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती रंजना गौतम ने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी समाज को सत्य, पवित्रता और धर्मनिष्ठा की राह दिखाते हैं। “मन चंगा तो कटौती में गंगा” जैसा संदेश करोड़ों लोगों को आंतरिक शुचिता का मर्म समझाता है। उन्होंने बताया कि भक्तों में इस यात्रा को लेकर अत्यधिक उत्साह है और देशभर से श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं।
यात्रा में रविदास अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा, यात्रा संयोजक अशोक भारती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी संत रविदास जी के उपदेशों को आगे बढ़ाने तथा भाईचारा, समानता और सामाजिक एकजुटता का संदेश फैलाने के उद्देश्य से सहारनपुर से काशी की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।
यह भव्य धार्मिक यात्रा संत रविदास की शिक्षाओं को जन–जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।




