हरिद्वार, 24 नवम्बर 2025 — राजाजी टाइगर रिज़र्व (RTR) में सात साल के बाद हाथी सफारी पुनरारंभ हो गई है। चीला रेंज के दो ज़ोन में ‘राधा’ और ‘रंगीली’ नामक हथिनियों के माध्यम से पर्यटकों को वन्यजीवों का नज़दीकी अनुभव मिलेगा।
वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य प्रतिपालक के निर्देशानुसार, यह सफारी चीला पर्यटक जोन में अब औपचारिक रूप से चल रही है।
सफारी सुबह 6:30 बजे — 7:30 बजे और शाम में 2:30 बजे — 3:30 बजे के बीच आयोजित होगी।
बुकिंग और जानकारी के लिए इच्छुक पर्यटक चीला सफारी बुकिंग काउंटर से संपर्क कर सकते हैं। फोन नंबर: 9411568917, 8630823298।
हाथी सफारी सिर्फ एक घूमने का अनुभव नहीं है — यह वन्यजीवों के व्यवहार को करीब से देखने का एक अवसर भी है। सफारी के दौरान पर्यटक चीतल, सांभर, मोर, गोल्डन जैकाल, बाघ, गुलदार, हाईना, जंगली हाथी और कई प्रवासी पक्षियों को देख सकेंगे।
सafari के संचालन में वन विभाग द्वारा सभी सुरक्षा एवं पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
यह पहल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी और वन्यजीव पर्यटन में नई जान डालेगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा — पर्यटन गतिविधि से राजाजी के आसपास के इलाकों में रोज़गार और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही, यह वन विभाग को पर्यटकों के माध्यम से संरक्षण की जानकारी फैलाने का एक मंच भी देता है, जिससे जन-जागरूकता बढ़ेगी।
राजाजी टाइगर रिजर्व लंबे समय से हाथियों और बाघों की पारिस्थितिकी के लिए जाना जाता है।
हालाँकि, हाई कोर्ट के आदेश के बाद 2018 में हाथी-सवारी पर रोक लग गई थी।
अब, वन विभाग ने नई व्यवस्थाओं और नियमों के साथ इस सफारी को फिर से चालू किया है, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन कायम किया जा सके




