देहरादून। कांग्रेस के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार द्वारा UPNL (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) कर्मचारियों पर ESMA (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) लगाए जाने की तीव्र निंदा की है। उन्होंने इसे “संवाद की जगह दमन का रास्ता” बताया।
गोदियाल ने कहा कि ये वही कर्मचारी हैं जो प्रदेश की स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाओं को लंबे समय से बिना किसी स्थिरता के संभालते आ रहे हैं — “बिना नियमितीकरण, बिना सुरक्षा और बिना उचित वेतन”। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कर्मचारियों के साथ “अपराधी की तरह व्यवहार” कर रही है, जबकि असली अपराध इससे उनकी अनदेखी है।
गोदियाल का यह भी कहना है कि सरकार की यह कार्रवाई उसकी नीतिगत असफलता और मानव संसाधन प्रबंधन की अक्षमता को छिपाने का संकेत है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उपनल व्यवस्था में भारी अनियमितताएं हैं — कमीशन प्रणाली और संविदा-पर आधारित तंत्र इस समस्या की जड़ हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया उस वक्त आई है, जब लगभग 22,000 उपनल कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। गोदियाल ने धरने पर पहुंचे कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके संघर्ष में पूरी तरह उनके साथ है।
गोदियाल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर लिखित कार्रवाई का आश्वासन न मिला, तो आंदोलन जारी रहेगा।




