देहरादून, 21 अगस्त 2025 – उत्तराखंड पुलिस की विशेष टास्क फ़ोर्स (STF) ने ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाएं बनाने और बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर पाँच आरोपियों के बाद गिरोह के सरगना को भी गिरफ़्तार किया है। इस मामले में कुल छह लोग गिरफ्तार हुए हैं।
प्रमुख बिंदु:
STF ने अब तक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है — जिनमें गिरोह का सरगना भी शामिल है।
नवीनतम गिरफ्तारी प्रिंटिंग प्रेस मालिक विजय कुमार पांडेय की हुई, जिन्हें हिमाचल प्रदेश के बद्दी से पकड़ा गया। वह नकली दवाओं की पैकेजिंग हेतू एल्यूमीनियम फॉयल पर रैपर और QR कोड तैयार करने का काम करते थे।
इससे पहले STF ने अन्य पांच आरोपियों – संतोष कुमार, नवीन बंसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, और पंकज शर्मा – को भी गिरफ़्तार किया था।
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विश्लेषण और प्रभाव:
1. स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा
नकली दवाओं का उपयोग गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न कर सकता है, खासकर जब वे जीवनरक्षक दवाएं हों। इस गिरोह का नियंत्रण में आना स्वास्थ्य प्रणाली को एक बड़ा झटका या डर था।
2. कानूनी कार्रवाई और उत्तरदत्ता
STF की यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ एक ठोस कदम है। मामले में जुड़े सभी आरोपी पाए गए और गिरफ्तार किए गए, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है।
3. भविष्य की चुनौतियाँ
यह मामला दर्शाता है कि फ़ार्मा क्षेत्र में नकली दवाओं का कारोबार कितना संगठित और व्यापक हो सकता है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को बेहतर नियामकों के साथ पैकेजिंग एवं सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ानी होगी।
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संभावित शीर्षक सुझाव:
“देहरादून में STF का बड़ा खुलासा: नकली दवा गिरोह का सरगना बद्दी से पकड़ा”
“ब्रांडेड दवाओं की नकली पैकेजिंग का नेटवर्क धराशायी, छह गिरफ्तार”
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