नई दिल्ली – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे सत्ताधारी दल के पक्ष में पक्षपात का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास “एटम बम” जैसे सबूत हैं, जो वोट चोरी और मतदाता सूची में व्यापक अनियमितताओं को सिद्ध करते हैं।
राहुल गांधी ने पाँच प्रमुख गड़बड़ियों का उल्लेख किया—डुप्लीकेट वोटर, फर्जी पते, अमान्य फोटो, फॉर्म-6 का दुरुपयोग और डेटा पारदर्शिता की कमी। बिहार में 65 लाख नाम हटने और महाराष्ट्र में 40 लाख नए मतदाता जुड़ने को भी उन्होंने संदिग्ध बताया। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि आचार संहिता उल्लंघन पर आयोग ने विपक्ष की शिकायतों को नजरअंदाज किया।
चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को “निराधार” और “गैर जिम्मेदाराना” करार देते हुए कहा कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और कानून के मुताबिक जनसुनवाई आधारित है। आयोग का कहना है कि अब तक राहुल गांधी से कोई औपचारिक शिकायत या ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
संवैधानिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 324 का उल्लंघन होगा, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। विशेषज्ञों ने पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है।




