गौसंवर्धन व वैदिक संस्कृति के संरक्षण का लिया गया संकल्प भारत में सनातन धर्म और वैदिक परंपरा के प्रखर प्रवक्ता धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज का 118वां प्राकट्य दिवस कोलकाता में भक्ति, श्रद्धा और गौरव के वातावरण में मनाया गया। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य था – गौमाता के संरक्षण, गौसंवर्धन और वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए जनजागरण।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज का जीवन सनातन हिंदू धर्म की गौरवगाथा है। उन्होंने युवाओं से वैदिक जीवन मूल्यों को अपनाकर भारत को एक अखंड, सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया।
समारोह में बंधुगौरव ब्रह्मचारी, डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी, पं. लक्ष्मीकांत तिवारी, जे.पी. सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुधांशु शेखर, अशोक तिवारी समेत अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन प्रेमचंद्र झा व पोद्दार सेवा ट्रस्ट द्वारा किया गया। ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अशोक पोद्दार ने कल्याणी में बन रहे भगवान जगन्नाथ मंदिर, गुरुकुल गौशाला व सामाजिक सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी और सहयोग की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि वेद सम्मत शिक्षा प्रणाली, कर्मकांड व गौसेवा के माध्यम से ही राष्ट्र की आध्यात्मिक नींव मजबूत होगी। शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज के नेतृत्व में चल रहे हिंदू राष्ट्र अभियान को समर्थन देने का भी आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी, आनंद वाहिनी सहित कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, श्रद्धालु और समाजसेवी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
अंत में गौसेवा का सामूहिक संकल्प लिया गया, जिससे सनातन संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के पवित्र लक्ष्य को मजबूती मिल सके।