देहरादून / संभल, 27 नवंबर 2025 — उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 1978 के सांप्रदायिक दंगों के समय कथित रूप से हत्या कर कुएं में फेंके गए एक व्यापारी का शव खोजने की कार्रवाई शुरू हो गई है। 46 साल से बंद पड़े उस कुएं की खुदाई बुधवार (26 नवंबर) से शुरू हुई है।
यह कुआं Shahi Jama Masjid से करीब 1.5 किमी की दूरी पर, एकता पुलिस चौकी (कोतवाली क्षेत्र) के नजदीक है।
प्रशासन ने शहर मजिस्ट्रेट Sudhir Kumar और नगर पालिका की देख-रेख में खुदाई शुरू की है। अब तक लगभग 3 फुट गहरी खुदाई की जा चुकी है।
स्थानीय निवासी कहते हैं कि 1978 के दंगों के दौरान उनके ताऊ — Ramsharan Rastogi — की हत्या हुई थी, और कथित तौर पर वही लाश उस कुएं में फेंकी गई थी।
1978 के दंगों में मृतकों की संख्या लेकर आज तक कई दावे रहे — कुछ रिपोर्ट्स में 15-24, जबकि हालिया एक गुप्त न्यायिक रिपोर्ट में 184 मौतों का जिक्र बताया गया है।
बावजूद इसके, उस घटना के बाद शवों की बरामदगी या मामले की सही तह तक जांच नहीं हो पाई थी। 46 साल बाद यह कदम उस लंबित पीड़ा और शोध को फिर से सामने लाने की दिशा में माना जा रहा है।
प्रशासन ने यह खुदाई इसलिए शुरू की है ताकि 1978 के दंगों के दौरान हुई कथित हत्याओं एवं दफन-प्रयास की सच्चाई सामने आ सके।
यदि वहां शव या अन्य साक्ष्य मिले — तो यह मामला नए सिरे से खुल सकता है, और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की राह बन सकती है।
साथ ही, यह पहल इतिहास की भूल-चूकों को सही करने, और जनता में आरोप-प्रत्यारोप के बीच आधिकारिक सत्य स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास मानी जा रही है।




