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वैज्ञानिक खोज: Mach-10 की हाइपरसोनिक उड़ान अब हो सकती है संभव

देहरादून, 16 नवंबर 2025 — हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह संकेत मिला है कि भविष्य में विमान Mach-10 (ध्वनि की दस गुना) की गति तक पहुंच सकते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा को पूरी तरह बदल सकता है।

तेज़ गतिशीलता पर नियंत्रण: स्टिवेंस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने लेज़र-आधारित प्रयोगों में पाया है कि Mach-6 की गति पर हवा में उत्पन्न होने वाली उथल-पुथल (Turbulence) अपेक्षा से कम जटिल होती है।

डिज़ाइन में सरलता: इससे यह उम्मीद जगती है कि हाइपरसोनिक विमानों के निर्माण के लिए परंपरागत डिजाइन पद्धति में बहुत बड़े बदलाव की ज़रूरत नहीं होगी — यानी नए, ख़ास या बेहद जटिल इंजन डिजाइन बनाना उतना कठिन नहीं होगा जितना पहले माना जाता था।

यात्रा-समय में क्रांतिकारी बदलाव: अगर Mach-10 विमान बन सके, तो लॉन्ग-हॉल (दूरदराज़) की यात्राएं अब घंटों की बजाय की-फीचर-लम्बाई की फिल्मों जितनी ही लंबी होंगी। उदाहरण के लिए, सिडनी से लॉस एंजेलिस का सफर अब लगभग 1 घंटे में तय किया जा सकता है।

उच्च तापमान चुनौती: ऐसी बड़ी गति पर विमान के पिछले हिस्सों और अग्र-किनारों पर तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, इसलिए उड़े हुए हाइपरसोनिक वाहनों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष सामग्री और डिज़ाइन की ज़रूरत होगी।

मिशन का भविष्य: शोधकर्ताओं का मानना है कि यह प्रगति सिर्फ यात्री विमानों तक सीमित नहीं रहेगी — इससे अंततः “वायु के ज़रिए अंतरिक्ष पहुँचने योग्य वाहनों” (air-breathing spaceplanes) का दरवाज़ा खुल सकता है।

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