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प्रेरणादायक खेल गाथा: स्नेह राणा

देहरादून/नई दिल्ली, 6 नवंबर 2025 — उत्तराखंड के सीनौला गांव की बेटी स्नेह राणा ने साबित किया है कि चाहें परिस्थिति कितनी भी अनुकूल न हो, मन में “मैं डूबने से इंकार करती हूँ” जैसा संकल्प हो-तो सफलता कदम चूमती है।

– बचपन में शर्मीली रानी स्नेह को क्रिकेट में रुचि थी, लेकिन आत्मविश्वास कम था।

– 2016 में गंभीर घुटने की चोट ने उन्हें करियर बाधित कर दिया, डॉक्टर्स ने वापसी को कठिन माना।

– इस कठिन दौर में उन्होंने अपनी कलाई पर टैटू बनवाया — “I refuse to sink” (“मैं डूबने से इंकार करती हूँ”) — जो उनकी जीत की आग बन गई।

 

– 2021 में भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट डेब्यू में उन्होंने 4 विकेट लिए और बल्ले से नॉट आउट 80 रन बनाए। वे भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं जिनके डेब्यू टेस्ट में ये दोनों रिकॉर्ड दर्ज हुए।

– इस उपल्ब्धि से यह स्पष्ट हुआ कि गेंदबाजी-बल्लेबाजी दोनों में उनका दायित्व है।

– अपनी इस कीर्तिमान-पारी से एक माह पहले ही उन्होंने अपने पिता को खोया था — उन्होंने पिता की याद में अपनी कलाई पर रोमन अंक तथा संस्कृत में लिखवाया “तव धैर्यं तव बलम् अस्ति” (“तुम्हारा धैर्य ही तुम्हारी शक्ति है”)।

– जीत-हार, चोट-अभ्यास, आलोचना-प्रशंसा — हर मोड़ पर उन्होंने खुद से वादा निभाया, “विद्रोही” बनकर।

स्नेह राणा की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं — यह हर उस लड़की-युवा की है, जिसे कहा गया हो “तुमसे नहीं होगा”। उन्होंने यह कहकर जवाब दिया: “मैं कर रही हूँ।”

उनकी सफलता हमें यह सिखाती है कि आत्मविश्वास + कठिन परिश्रम + धैर्य = असंभव को संभव बनाना।

 

> “जब उस लड़की से कहा गया कि ‘तुमसे नहीं होगा’, तो उसने झुककर हार नहीं मानी। उसने जवाब दिया, शब्दों में नहीं, कर्मों में।”

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